The Book Quiver
Poornahuti/पुर्णाहुति
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition

Poornahuti/पुर्णाहुति

2025
first published
Hindi
language
1
edition
160
pages

पिता की सेना में पति को घिरे देख युद्धक्षेत्र में लज्जा त्याग संयोगिता बोली, ‘स्वामी! अब मेरा मुँह न देखिए बढ़-बढ़कर हाथ दीजिए और क्षत्रिय-जन्म सुफल कीजिए!’ वीर क्षत्राणी संयोगिता, कन्नौज के राजा जयचंद की बेटी थीं। संयोगिता को तिलोत्तमा, कान्तिमती, संजुक्ता जैसे नामों से भी जाना जाता है। संयोगिता और पृथ्वीराज चौहान के बीच प्रेम की कहानी बहुत प्रसिद्ध है, जिसे इस उपन्यास में दर्शाया गया है। क्षत्रिय-कुल सिरमौर पृथ्वीराज चौहान की बहादुरी की रूह फूंक देने वाली इस कहानी में आचार्य चतुरसेन ने शृंगार और वीर रसों का अद्भुत संगम कराते हुए इसे अमर ऐतिहासिक उपन्यास बना दिया है।

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