I am my own Laxmi Hindi / Main Hoon Apni Dhanlakshmi / मैं हूँ अपनी धनलक्ष्मीpenguin_swadesh978-93-7730-020-397893773002032026-07-01Hindi (India)248Softcover
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
I am my own Laxmi Hindi / Main Hoon Apni Dhanlakshmi / मैं हूँ अपनी धनलक्ष्मी
- 2026
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 248
- pages
मैं हूँ अपनी धनलक्ष्मी केवल पैसों की किताब नहीं, बल्कि हर उस महिला की कहानी है जिसने जीवन की हर ज़िम्मेदारी निभाई, लेकिन अपने वित्तीय अधिकारों को अकसर पीछे छोड़ दिया। भारतीय संस्कृति में लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है, पर क्या लक्ष्मी केवल पूजा तक सीमित हैं? या वे वहाँ भी निवास करती हैं जहाँ महिलाएँ अपने आर्थिक निर्णयों का अधिकार स्वयं अपने हाथ में लेती हैं? अपने अनुभवों, वास्तविक कहानियों और वर्षों से महिलाओं के साथ किए गए संवादों के आधार पर, यह पुस्तक एक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाती है—आख़िर इतनी सक्षम, शिक्षित और आत्मविश्वासी महिलाएँ भी पैसों के मामले में ख़ुद को असहज क्यों महसूस करती हैं?
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