आँखें मेरी बाकी उनका
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
आँखें मेरी बाकी उनका
- 1983
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 178
- pages
'आँखें मेरी बाकी उनका' प्रस्तुत इस पुस्तक में रचनाकार ने दिल्ली का स्वरूप , बनावट उकेर के रखा है और इस पुस्तक में मुग़ल शाशन की ज़िक्र है जब वे भारत आए थे तब उन्होंने क्या-क्या देखा दिल्ली शहर में इस बात की वर्णन है।