The Book Quiver
Gaban/गबन
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition

Gaban/गबन

2024
first published
Hindi
language
1
edition
294
pages

संसार के अग्रणी कथाकारों में प्रतिष्‍ठित उपन्यास-सम्राट प्रेमंचद ने गबन में टूटते मूल्यों के अंधेरे में भटकते मध्यवर्ग का वास्तविक चित्रण किया है। यह रमानाथ की कहानी है, जो सुंदर, सुख-सुविधा चाहने वाला, घमंडी और नैतिक रूप से कमज़ोर है। वह अपनी पत्नी जलपा को ख़ुश करने के लिए उसे गहने उपहार में देने की कोशिश करता है, जिसे वह अपनी कम तनख्वाह से नहीं खरीद सकता, कर्ज में डूब जाता है, जो अंततः उसे गबन करने पर मजबूर करता है। गबन का मूल संदेश है कि इंसान को अपनी हैसियत के मुताबिक ही अपनी ज़रूरतों को पूरा करना चाहिए। उसका एक गलत कदम कई ज़िंदगियों को प्रभावित करता है। उपन्यास के नायक-नायिका रमानाथ, जलपा के साथ रतन, देवीदीन, जौहरा, वकील साहब आदि पात्रों का विश्लेषण भी किया गया।

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1 edition · sort: newest
Gaban/गबनGaban/गबनpenguin_swadesh978-01-4347-149-397801434714932024-10-01Hindi (India)294Softcover