# Prema/प्रेमा

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![Prema/प्रेमा](https://quivercdn.com/covers/penguin-swadesh/premchandpremacanda/premaparama_978-01-4347-423-4.jpg?v=2026-08-19%2000%3A43%3A52)

- Authors: [Premchand/प्रेमचंद](https://www.bookquiver.com/premchandpremacanda)
- Language: hi_IN
- Published: 2025-04-01

## Description

• विश्व के महान कथा-शिल्पी प्रेमचंद का प्रारंभिक उपन्यास है—प्रेमा। विधवा जीवन की ज्वलंत समस्या को सशक्त ढंग से उठाने में सक्षम यह कथा विधवा विवाह की पक्षधर है। • इसमें नायक सहसा ही समाज सुधार का बीड़ा उठाकर प्रेमा के साथ विवाह करने का वचन भंग कर देता है, जिससे विरोध की विचित्र स्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। • यहाँ भी प्रेमचंद का तीखा विरोध उन शक्तियों के प्रति है, जो धर्म के नाम पर पाखंडों में डूबी हैं। • इसी के साथ प्रेमा का पूर्व उर्दू-रूप ‘हमखुर्मा व हमसवाब’ भी दिया गया है। यहाँ इसे प्रस्तुत करने का वास्तविक कारण यह है कि प्रेमचंद साहित्य के अध्येता दोनों रूपों का अध्ययन कर प्रेमचंद की कथाधर्मिता को समझ-परख सकें। • उपन्यास सम्राट के गौरव से विभूषित संसार के अग्रणी कथाकारों में प्रतिष्ठित प्रेमचंद की ये कृतियां सम्पूर्ण रूप में प्रामाणिक मूल पाठ हैं।

## Editions

### Prema/प्रेमा

- Publisher: penguin_swadesh
- ISBN: 978-01-4347-423-4
- Pages: 219
- Published: 2025-04-01
- Language: hi_IN