Volga Se Ganga/वोल्गा से गंगाpenguin_swadesh978-01-4346-660-497801434666042024-04-01Hindi (India)272Softcover
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
Volga Se Ganga/वोल्गा से गंगा
- 2024
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 272
- pages
इस कहानी-संग्रह की बीस कहानियाँ आठ हजार वर्षों तथा दस हजार किलोमीटर की परिधि में बँधी हुई हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि यह कहानियाँ भारोपीय मानवों की सभ्यता के विकास की पूरी कड़ी को सामने रखने में सक्षम हैं। 6000 ई. पू. से 1942 ई. तक के कालखंड में मानव समाज के ऐतिहासिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अध्ययन को राहुल सांकृत्यायन ने इस कहानी-संग्रह में बाँधने का प्रयास किया है। लेखक अपने कहानी संग्रह के विषय में खुद ही लिखते हैं कि लेखक की एक-एक कहानी के पीछे उस युग के संबंध की वह भारी सामग्री है, जो दुनिया की कितनी ही भाषाओं, तुलनात्मक भाषाविज्ञान, मिट्टी, पत्थर, ताँबे, पीतल, लोहे पर सांकेतिक व लिखित साहित्य अथवा अलिखित गीतों, कहानियों, रीति-रिवाजों, टोटके-टोनों में पाई जाती है।
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1 edition · sort: newest
Volga Se Ganga/वोल्गा से गंगाpenguin_swadesh978-01-4346-660-497801434666042024-04-01Hindi (India)272Softcover