Shatabdi Ke Jharokhe Se / शताब्दी के झरोखे सेpenguin_swadesh978-01-4346-745-897801434674582025-01-01Hindi (India)432Softcover
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
Shatabdi Ke Jharokhe Se / शताब्दी के झरोखे से
- 2025
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 432
- pages
भारत के लिए पिछली शताब्दी चुनौतियों और बदलाव भरी रही है। इस शताब्दी में हुए बदलावों पर रामचंद्र गुहा जैसे अध्येताओं ने पैनी नज़र रखी है। यह पुस्तक उस नज़र का परिणाम है। यह पुस्तक रामचंद्र गुहा के निबंधों का संग्रह है, जिनमें उन्होंने इंसान, राजनीति और भूगोल के साथ भारत के आगे बढ़ने की यात्रा को संजोया है। इस पुस्तक के निबंध कालातीत हैं, जो अनेक युगों से संवाद करते हैं। इस पुस्तक के निबंध देश की थाती बने कुछ लोगों से मुलाकात कराते हैं, तो उन परिस्थितियों से भी संवाद कराते हैं, जिनके साथ भारत आगे बढ़ रहा है।
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1 edition · sort: newest
Shatabdi Ke Jharokhe Se / शताब्दी के झरोखे सेpenguin_swadesh978-01-4346-745-897801434674582025-01-01Hindi (India)432Softcover