Kab Tak Pukarun/कब तक पुकारूँpenguin_swadesh978-01-4347-354-197801434735412025-01-01Hindi (India)260Softcover
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
Kab Tak Pukarun/कब तक पुकारूँ
- 2025
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 260
- pages
कब तक पुकारूँ रांगेय राघव द्वारा लिखा गया एक अद्भुत पठनीय उपन्यास है। जिसमें राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़ा ‘बैर’ एक ग्रामीण क्षेत्र की कहानी कहता है। वहाँ नटों की भी बस्ती है। तत्कालीन जरायम पेशा करनटों की संस्कृति पर आधारित यह एक सफल आँचलिक उपन्यास है। इस उपन्यास का नायक सुखराम करनट अवैध संबंध पैदा हुआ एक ऐसा व्यक्ति है जिसके लिए सिद्धांतों पर चलना टेढ़ी खीर है। इस उपन्यास की पात्राएँ अवैध संबंधों से पीड़ित लड़कियाँ इतनी मासूम हैं कि नैतिकता क्या है, इसका ज्ञान उन्हें नहीं है। थोड़े से पैसों की खातिर वे कहीं भी चलने को तैयार हो जाती हैं।
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Kab Tak Pukarun/कब तक पुकारूँpenguin_swadesh978-01-4347-354-197801434735412025-01-01Hindi (India)260Softcover