Parinita Tatha Anya Kahaniyan/परिणीता तथा अन्य कहानियाँpenguin_swadesh978-01-4347-627-697801434762762025-05-01Hindi (India)144Softcover
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
Parinita Tatha Anya Kahaniyan/परिणीता तथा अन्य कहानियाँ
- 2025
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 144
- pages
इस उपन्यास में निम्न मध्यवर्ग की उत्पीड़ित नारी का दुख-दर्द उकेरा गया है। इस उपन्यास में स्त्री-पुरुष के रिश्ते को आत्मा की सघन गहराइयों से माप लेने का द्वंद्व नहीं है, बल्कि सहज ही स्वीकार कर लेने का भाव है। इसमें शेखर, ललिता और गिरीन्द्र के बीच प्रेम के रिश्ते बदलने की एक अद्भुत एवं मार्मिक दास्तान उकेरी गई है। इस कारण यह गूढ़ प्रेम की एक अमर कृति मानी जाती है। इस उपन्यास का अनुवाद श्रीरामनाथ सुमन ने किया है।
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1 edition · sort: newest
Parinita Tatha Anya Kahaniyan/परिणीता तथा अन्य कहानियाँpenguin_swadesh978-01-4347-627-697801434762762025-05-01Hindi (India)144Softcover