Here and Hereafter (Hindi)/Yahan Aur Yahan Ke Baad/यहाँ और यहाँ के बादpenguin_swadesh978-01-4346-054-197801434605412024-01-01Hindi (India)188Hardcover
Book profileHindi (India)
Book · 1 edition
Here and Hereafter (Hindi)/Yahan Aur Yahan Ke Baad/यहाँ और यहाँ के बाद
- 2024
- first published
- Hindi
- language
- 1
- edition
- 188
- pages
इस शानदार किताब के जरिए विनीत गिल ने आधुनिक हिंदी साहित्य के शिखर पुरुषों में गिने जाने वाले एक लेखक के साहित्यिक संसार की गहरी पड़ताल की है और निर्मल वर्मा के जीवन के बिखरे हुए तत्वों को एक ऐसी सामग्री की तरह देखा है जिसने एक लेखक के रूप में उन्हें गढ़ा। जिन जगहों पर निर्मल वर्मा रहे, जिन लोगों को वे जानते थे और जिन पुस्तकों को वे पढ़ते थे, गिल की राय में, ये सब कुछ वर्मा की कहानियों और उपन्यास में परिलक्षित होता है। यह किताब गहन पाठकीय विश्लेषण और बेहद सोच समझकर की गई पड़ताल का नतीजा है- वर्मा के साहित्यिक कृतित्व और विश्व साहित्य में उनके स्थान के बारे में एक चिंतन।
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Here and Hereafter (Hindi)/Yahan Aur Yahan Ke Baad/यहाँ और यहाँ के बादpenguin_swadesh978-01-4346-054-197801434605412024-01-01Hindi (India)188Hardcover