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Rag Bhairav/राग भैरव1 / 1
Edition · 2025-05-01 · Softcover

Rag Bhairav/राग भैरव

VमVimal Mitra/विमल मित्र
2025
year of publication
144
pages
Hindi (India)
language
Softcover
cover
Publisher
penguin_swadesh
ISBN-13
978-01-4347-632-0
EAN
9780143476320
Publication date
2025-05-01
Book
Rag Bhairav/राग भैरव · 1 edition
The publisher on this edition

पिता और पुत्री के बीच कितने भी वैचारिक मतभेद हों, लेकिन रक्त संबंध एवं पूर्व जन्म का ऋणानुबंध होने के कारण वे हमेशा एक-दूसरे से निकट ही रहते हैं. . . अपने तो अपने ही होते हैं का अमर संदेश देने वाला नि: संदेह यह एक कालजयी उपन्यास है’— रांगेय राघव भैरव बाबू बोले, ‘अरे मैंने देखा कि उस आदमी को छुरा मार दिया! ख़ून से सना छुरा लेकर लड़का उस गली की तरफ भाग गया।’ ‘ज़रूरत क्या है आपको इन सब बातों में उलझने की? बूढ़े आदमी हैं आप। यदि पुलिस आकर हमें परेशान करेगी तब क्या होगा?’ विमल मित्र का यह रोचक एवं प्रेरक उपन्यास है, इसमें नई और पुरानी पीढ़ी के टकराव को जीवंत ढंग से उकेरा गया है।